🌟 आर्यभट्ट — महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री ( Indian Mathematics / History / Sanatan Knowledge) 🔱 भारत की विद्या, विज्ञान और गणित की प्राचीन धरोहर को विश्व में पहचान दिलाने वाले आर्यभट्ट न सिर्फ एक अद्वितीय गणितज्ञ थे, बल्कि महान खगोलशास्त्री और वैज्ञानिक भी थे। उनका ज्ञान और शोध आज भी आधुनिक विज्ञान की नींव है। “शून्य का आविष्कार केवल गणित नहीं, बल्कि मानव सभ्यता की दिशा बदलने वाला चमत्कार था।” 👑 कौन थे आर्यभट्ट? आर्यभट्ट (476 ई.) भारत के प्राचीन महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे। उनका जन्म कुसुमपुर (आधुनिक पटना, बिहार) में माना जाता है। उन्होंने 23 वर्ष की आयु में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “आर्यभटीयम्” (Aryabhatiya) लिखी, जो गणित और खगोल विज्ञान की दुनिया का एक क्रांतिकारी ग्रंथ है। 🧠 आर्यभट्ट के महत्वपूर्ण योगदान ✅ शून्य (0) का सिद्धांत हालाँकि शून्य का प्रतीक बाद में विकसित हुआ, लेकिन शून्य के सिद्धांत का आधार आर्यभट्ट ने दिया। उन्होंने पहली बार यह बताया कि: “किसी भी संख्या में शून्य जोड़ने या घटाने से उसकी मान नहीं बदलती।” इस सिद्धांत ने गणित की दुनिया में क्रांति ला दी। ✅ द...
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