भगवान परशुराम: क्रोध, धर्म और न्याय के अद्वितीय अवतार सनातन धर्म में भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। वे एक ऐसे योद्धा ऋषि थे जिन्होंने अन्याय और अधर्म के खिलाफ खड़े होकर धर्म की स्थापना की। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि धर्म की रक्षा के लिए कभी-कभी कठोर निर्णय भी आवश्यक होते हैं। भगवान परशुराम का परिचय भगवान परशुराम का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने क्षत्रिय जैसा पराक्रम दिखाया। उनके पिता थे ऋषि जमदग्नि और माता थीं रेणुका । जन्म कथा मान्यता है कि भगवान परशुराम का जन्म वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि (अक्षय तृतीया) को हुआ था। इस कारण यह दिन उनके जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। नाम का अर्थ “परशुराम” नाम दो शब्दों से मिलकर बना है: परशु = फरसा (एक प्रकार का हथियार) राम = आनंद देने वाला अर्थात “फरसा धारण करने वाला राम” भगवान शिव से शिक्षा भगवान परशुराम ने भगवान शिव से शस्त्र विद्या सीखी और उनसे ही परशु (फरसा) प्राप्त किया। इसलिए उन्हें शिव का परम भक्त माना जाता है। सहस्त्रार्जुन की कथा एक प्रसिद्ध ...
क्यों अक्षय तृतीया के दिन किया गया कार्य अक्षय बन जाता है। जानिए इसका महत्व और रहस्य #अक्षय_तृतीया #Akshaya_Tritiya
अक्षय तृतीया: अनंत शुभता और समृद्धि का पावन पर्व भारत की सनातन परंपरा में कई ऐसे पर्व हैं जो जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा लाते हैं। उन्हीं में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ दिन है अक्षय तृतीया । यह दिन इतना पवित्र माना जाता है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य कभी समाप्त नहीं होता , बल्कि उसका फल निरंतर बढ़ता रहता है। अक्षय तृतीया का अर्थ “अक्षय” का अर्थ होता है — जो कभी नष्ट न हो “तृतीया” का अर्थ — वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि अर्थात यह वह दिन है जब किए गए पुण्य, दान, जप, तप और शुभ कार्यों का फल अनंत (अक्षय) हो जाता है। अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व सनातन धर्म में इस दिन को अत्यंत शुभ और पवित्र माना गया है। मान्यता है कि इस दिन: किसी भी नए कार्य की शुरुआत की जा सकती है विवाह, गृह प्रवेश, खरीदारी आदि के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती किया गया पुण्य कभी नष्ट नहीं होता पौराणिक कथाएँ और मान्यताएँ अक्षय तृतीया से कई महत्वपूर्ण घटनाएँ जुड़ी हुई हैं: 1. भगवान विष्णु का अवतार इस दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम का जन्म हुआ था। ...