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अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए जरूरत है मात्र छः मिनट की....मेरी दुनिया -...

अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए जरूरत है मात्र छः मिनट की....हमारे पुराणों में मंत्रो की विशेष महिमा बताई गई है , क्या 6 मिनट में किसी साधना के करने से कई  विकार दूर हो सकते हैं ? जी हाँ हो सकते हैं और यह सही है क्योकि वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि  सिर्फ 6 मिनट " ऊँ " का उच्चारण करने से कई रोग ठीक हो जाते हैं,  छः मिनट ऊँ का उच्चारण करने से मस्तिष्क में विशेष वाइब्रेशन (कम्पन) होता है और ऑक्सीजन का प्रवाह पर्याप्त होने लगता है। इस कारण कई मस्तिष्क रोग दूर होते हैं साथ  ही स्ट्रेस और टेन्शन दूर होती है मैमोरी पावर बढती है ।.....मेरी दुनिया -G MEDIA https://youtu.be/S0cKfheyaKg

तुलसी के पौधे से जुड़ी कुछ सावधानी रखने वाली बातें... मेरी दुनिया - G MEDIA

तुलसी के पौधे से जुड़ी कुछ सावधानी रखने वाली बातें... तुलसी के पौधे को  बहुत पवित्र माना जाता  हैं तथा उसकी पूजा करते हैं। आयुर्वेद में भी तुलसी को संजीवनी बूटी मान कर कई बीमारियों का इलाज बताया गया है। कहा जाता है कि जहां तुलसी का पौधा होता है वहां कोई बीमारी नहीं आती और न ही बुरे ग्रहों का असर होता है। परन्तु क्या आप जानते हैं कि तुलसी के पौधे के साथ कुछ सावधानियां रखनी चाहिए अन्यथा सौभाग्य को दुर्भाग्य में बदलते देर नहीं लगती। आइए जानते हैं, तुलसी से जुड़ी ऐसी ही कुछ बातें.....#मेरीदुनिया #GMEDIA #तुलसी #तुलसीकापौधा #आयुर्वेद #संजीवनीबूटी https://youtu.be/bEon6rC7qQQ

भगवान शालिग्राम का विवाह तुलसी से .... मेरी दुनिया - GMEDIA

भगवान शालिग्राम का विवाह  तुलसी से ... मान्यता है कि भगवान विष्णु और तुलसी का जिस जगह पर होते हैं, वहां कोई दुख और परेशानी नहीं आती। शालिग्राम की पूजा में तुलसी का महत्वत अहम है क्योंाकि बिना तुलसी के शालिग्राम की पूजा करने पर दोष लगता है। पराक्रमी असुर जलंधर का विवाह वृंदा से हुआ था , वृंदा भगवान विष्णु की भक्त थी। उसके पतिव्रत धर्म के कारण जलंधर अजेय हो गया था। उसने एक युद्ध में भगवान शिव को भी पराजित कर दिया। अपनी शक्ति के अभिमान में जलंधर देवताओं, अप्सकराओं को परेशान करने लगा। दु:खी देवता भगवान विष्णु की शरण में गए और जलंधर के आतंक को समाप्त करने की प्रार्थना करने लगे। तब भगवान विष्णु जलंधर का रूप धारण कर छल से वृंदा का पतिव्रत धर्म नष्ट कर दिया। इससे जलंधर की शक्ति क्षीण हो गई और वह युद्ध में मारा गया। जब वृंदा को इस छल का पता चला, तो उसने विष्णु को पत्थर बन जाने का शाप दे दिया। देवताओं के अनुरोध करने पर वृंदा ने शाप वापस ले लिया। मगर, भगवान विष्णु ने पत्थंर में अपना एक रूप प्रकट किया, जिसे शालिग्राम कहा गया। भगवान विष्णु ने वृंदा को वरदान दिया कि अगले जन्म में तुम तुलसी ...

Chhath Puja 2017-छठ पर्व सूर्योपासना का ऐतिहासिक,सामाजिक और वैज्ञानिक ...

छठ पर्व सूर्योपासना का  ऐतिहासिक,सामाजिक  और वैज्ञानिक महत्व ....मेरी दुनिया GMEDIA  भारत में सूर्योपासना के लिए प्रसिद्ध पर्व है छठ। मूलत: सूर्य षष्ठी व्रत होने के कारण इसे छठ कहा गया है। यह पर्व वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहली बार चैत्र में और दूसरी बार कार्तिक में। चैत्र शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले छठ पर्व को चैती छठ व कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले पर्व को कार्तिकी छठ कहा जाता है। पारिवारिक सुख-समृद्धी तथा मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए छठ पर्व बेहद अहम है जो पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है।

शनि ग्रह बदल रहें है , 26 अक्टुम्बर 2017 से राशि इसका असर किस राशि पर...

शनि ग्रह बदल  रहें  है , 26 अक्टुम्बर 2017 से राशि इसका असर  किस राशि पर  पड़ेगा आइये जानते है....

गुप्तकाल की कुबेर प्रतिमा के दर्शन के लिये धनतेरस पर लगती है भारी भीड़ ...

गुप्तकाल की कुबेर प्रतिमा  के दर्शन के लिये धनतेरस पर यहा श्रद्धालुओं  की लगती है भारी भीड़....  मन्दसौर मध्य प्रदेश में यह गुप्तकालीन  कुबेर मंदिर स्थित है। धनतेरस पर यहा श्रद्धालुओं का तांता लगाता है। पशुपतिनाथ मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित ग्राम खिलचीपुरा स्थित धौलागढ़ महादेव मंदिर के नाम  से भी इस मंदिर को जाना जाता है। यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है। मंदसौर की कुबेर प्रतिमा गुप्तकाल की मानी जाती है यह प्रतिमा लगभग 1400 साल पुराने धौलागढ़ महादेव मंदिर में हैं। ....मेरी दुनिया

दीपावली, धनतेरस, यम-तर्पण ,भैया दूज का महत्व

दीपावली, धनतेरस, यम-तर्पण ,भैया दूज  - यम द्वितीया का महत्व......  मेरी दुनिया

दीपावली 12 साल बाद गजकेसरी, बुधादित्य, गुरूचित्रा व वात्सल्य योग के अदभु...

दीपावली 12 साल बाद गजकेसरी, बुधादित्य, गुरूचित्रा व वात्सल्य योग के अदभुत संयोग के साथ मनेगी इस बार..... शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माने जाने वाले वृहस्पति वार के दिन  बारह साल बाद दीवाली पर गजकेसरी, बुधादित्य, गुरूचित्रा योग व वात्सल्य योग एक साथ बनने जा रहा है । इस योग में माॅ लक्ष्मी की पूजा अर्चना कर व्यापार-व्यवसाय, घरों में सालभर लक्ष्मी की कृपा प्राप्त की जा सकती है। 19 अक्टुम्बर 2017 गुरूवार को दीवाली के दिन तुला राशि में गुरू-चंद्र के योग से गज केसरी योग  बारह साल बाद बन रहा है , इससेेेे पहले यह योग 2005 में बना था, और साल 2029 में बनेगा। गजकेसरी योग के साथ ही सूर्य-बुध के योग से बुधादित्य व मंगल-शुक्र के योग से वात्सल्य योग भी बन रहे है । दीवाली पर पूरे दिन महालक्ष्मी की पूजा की जा सकती है लेकिन ऐसी मान्यता है कि स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजा करने से वर्षभर धन की कमी नही रहती है। महालक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त प्रातः 06ः29 मिनट से 07ः55 मिनट तक शुभ , दोपहर 12ः13 मिनट से 03ः04 मिनट तक लाभ-अमृत दोपहर 04ः30 मिनट से 05ः54 मिनट तक शुभ संध्या 05ः54 मिनट से 07ः38 ...

2017 के धनतेरस पर्व पर बनेगे अद्भूत संयोग... किस मुहूर्त में पूजा करन...

छः योगों के संयोग से होगी पांच दिवसीय दीपावली पर्व की शुरूआत 2017 के धनतेरस पर्व पर लक्ष्मी, वात्सल्य, बुधादित्य, ब्रह्म, भौमप्रदोष व्यापणी व सूर्य संक्राति जैसे बनेगे अद्भूत संयोग।इस साल वि.सं. 2074 में वर्ष के राजा मंगल है, मंगलवार को ही इस बार धनतेरस व भौमप्रदोष का संयोग बना है।धर्म सिंधु एवं पुराण में दी गई कथा के अनुसार कार्तिक मास में देवताओ एवं दैत्यों के मध्य हुए समुद्ध मंथन में कार्तिक मास कृष्णपक्ष की त्रयोदशी के दिन सफेद कलश में अमृत लेकर भगवान धन्वतरी अवतरित हुए थे ।धन के देवता कुबेर व आयुर्वेद के देवगुरू भगवान धन्वतरी की धनतेरस पर होगी पूजा, धार्मिक मान्यता के अनुसार धनतेरस की संध्या को अकाल मृत्यु के भय से निर्भय होने के लिए दीपदान कर यम को कर सकेगे प्रसन्न,धनतेरस से भाई दूज तक दुकानों, सरकारी एवं निजी कार्यालयो एवं लाईट की रौशनी से जगमगाऐंगे।...ज्योतिषी रवि जैन (मेरी दुनिया - G MEDIA)