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भगवान शालिग्राम का विवाह तुलसी से .... मेरी दुनिया - GMEDIA

भगवान शालिग्राम का विवाह  तुलसी से ... मान्यता है कि भगवान विष्णु और तुलसी का जिस जगह पर होते हैं, वहां कोई दुख और परेशानी नहीं आती। शालिग्राम की पूजा में तुलसी का महत्वत अहम है क्योंाकि बिना तुलसी के शालिग्राम की पूजा करने पर दोष लगता है। पराक्रमी असुर जलंधर का विवाह वृंदा से हुआ था , वृंदा भगवान विष्णु की भक्त थी। उसके पतिव्रत धर्म के कारण जलंधर अजेय हो गया था। उसने एक युद्ध में भगवान शिव को भी पराजित कर दिया। अपनी शक्ति के अभिमान में जलंधर देवताओं, अप्सकराओं को परेशान करने लगा। दु:खी देवता भगवान विष्णु की शरण में गए और जलंधर के आतंक को समाप्त करने की प्रार्थना करने लगे। तब भगवान विष्णु जलंधर का रूप धारण कर छल से वृंदा का पतिव्रत धर्म नष्ट कर दिया। इससे जलंधर की शक्ति क्षीण हो गई और वह युद्ध में मारा गया। जब वृंदा को इस छल का पता चला, तो उसने विष्णु को पत्थर बन जाने का शाप दे दिया। देवताओं के अनुरोध करने पर वृंदा ने शाप वापस ले लिया। मगर, भगवान विष्णु ने पत्थंर में अपना एक रूप प्रकट किया, जिसे शालिग्राम कहा गया। भगवान विष्णु ने वृंदा को वरदान दिया कि अगले जन्म में तुम तुलसी ...

आश्लेषा नक्षत्र Ashlesha Nakshatra — रहस्य, ऊर्जा और कुण्डलिनी शक्ति का नक्षत्र | The Nakshatra of Mystery, Energy, and Kundalini Shakti | Vedic Astrology | Spiritual Insight

आश्लेषा नक्षत्र (Ashlesha Nakshatra)  स्वामी ग्रह: बुध देवता: नाग देवता प्रकृति: तीक्ष्ण प्रतीक: सर्प (ऊर्जा, बुद्धि और रहस्य) 🐍 आश्लेषा नक्षत्र  आश्लेषा नक्षत्र वैदिक ज्योतिष के अनुसार नौवाँ नक्षत्र है, जिसे सर्प की ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। यह नक्षत्र रहस्य, मनोबल, गहन सोच, आकर्षण और परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करता है। आश्लेषा की ऊर्जा व्यक्ति को ऊँचे बुद्धि स्तर, तीव्र अंतर्दृष्टि और गहरी समझ प्रदान करती है। 🐉 देवता — नाग देवता आश्लेषा नक्षत्र के देवता नाग हैं, जो कुण्डलिनी शक्ति और आंतरिक ऊर्जा के जागरण का संकेत देते हैं। यह नक्षत्र सिखाता है कि  “अगर मन को साध लिया, तो दुनिया को साधना आसान है।” “If you master the mind, it is easy to master the world.” 💠 आश्लेषा नक्षत्र के प्रमुख गुण तीक्ष्ण बुद्धि और विश्लेषण की क्षमता गहन अंतर्दृष्टि और छिपी बातें समझने की शक्ति रहस्यप्रिय एवं आध्यात्मिक झुकाव मंत्र, तंत्र, ज्योतिष में रुचि तेज सीखने की क्षमता और आकर्षक व्यक्तित्व 🌙 आश्लेषा नक्षत्र वाले व्यक्तियों की विशेषताएँ बुद्धिमान, चतुर और रणनीतिक मनोविज्ञान, शोध, गुप्त...

आयुर्वेद | Ayurveda | Natural Healing | संतुलित जीवन और संपूर्ण स्वास्थ्य

आयुर्वेद: संतुलित जीवन और संपूर्ण स्वास्थ्य की प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान के पास समय कम है और बीमारियाँ ज़्यादा। तनाव, गलत खान-पान, नींद की कमी और प्रदूषण ने स्वास्थ्य को गंभीर चुनौती दी है। ऐसे समय में एक प्राचीन भारतीय विज्ञान फिर से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है — आयुर्वेद । आयुर्वेद केवल रोगों का इलाज नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की कला है। यह शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित चिकित्सा पद्धति है, जो हजारों वर्षों से भारत की अमूल्य धरोहर रही है। आयुर्वेद क्या है? “आयुर्वेद” दो शब्दों से मिलकर बना है — आयु (जीवन) + वेद (ज्ञान) अर्थात् — जीवन का विज्ञान । यह विज्ञान सिखाता है कि कैसे प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर स्वस्थ और दीर्घायु जीवन जिया जाए। आयुर्वेद का इतिहास आयुर्वेद की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है। ऋग्वेद और अथर्ववेद में इसके मूल सिद्धांत मिलते हैं। महान आयुर्वेदाचार्य: चरक — आंतरिक चिकित्सा (चरक संहिता) सुश्रुत — शल्य चिकित्सा (सुश्रुत संहिता) वाग्भट — अष्टांग हृदयम ये ग्रंथ आज भी आयुर्वेद की नींव माने जाते है...