सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

मई, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गौतम बुद्ध GautamBuddha केवल एक धार्मिक गुरु नहीं बल्कि मानवता के मार्गदर्शक

गौतम बुद्ध: शांति, करुणा और ज्ञान का मार्ग मानव इतिहास में कुछ ऐसे महान व्यक्तित्व हुए हैं जिन्होंने पूरी दुनिया को जीवन जीने का नया दृष्टिकोण दिया। उन्हीं में से एक हैं गौतम बुद्ध । उन्होंने संसार को दुख से मुक्ति और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाया। गौतम बुद्ध का परिचय गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी (नेपाल) में हुआ था। उनका वास्तविक नाम सिद्धार्थ था और वे शाक्य कुल के राजकुमार थे। जन्म और प्रारंभिक जीवन उनके पिता थे राजा शुद्धोधन और माता थीं माया देवी । जन्म के समय भविष्यवाणी हुई थी कि यह बालक या तो महान राजा बनेगा या महान संन्यासी। चार दृश्य (Four Sights) सिद्धार्थ के जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्होंने चार दृश्य देखे: वृद्ध व्यक्ति रोगी व्यक्ति मृत व्यक्ति संन्यासी इन दृश्यों ने उन्हें जीवन के दुखों के बारे में सोचने पर मजबूर किया। ये भी देखे  👇 भगवान शिव | Mahadev Shiv | संहार नहीं, परिवर्तन के देवता गृह त्याग (महाभिनिष्क्रमण) 29 वर्ष की आयु में सिद्धार्थ ने राजसी जीवन त्याग दिया और सत्य की खोज में निकल पड़े। इस घटना को महाभिनिष्क्रमण कहा जात...

अर्जुन और नाग राजकुमारी उलूपी के वीर पुत्र इरावन Iravan (अरावन Aravan )

इरावन: अर्जुन और नाग राजकुमारी उलूपी के वीर पुत्र की अद्भुत कथा सनातन धर्म और महाभारत में कई ऐसे पात्र हैं जिनकी कथा कम प्रसिद्ध होने के बावजूद अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्हीं में से एक हैं इरावन , जिन्हें दक्षिण भारत में अरावन के नाम से भी जाना जाता है। वे महान योद्धा अर्जुन और नाग कन्या उलूपी के पुत्र थे। इरावन का जीवन बलिदान, साहस और धर्म के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। इरावन का जन्म और परिचय महाभारत के अनुसार, अर्जुन वनवास के दौरान नागलोक पहुंचे, जहाँ उनकी भेंट नाग राजकुमारी उलूपी से हुई। उलूपी ने अर्जुन से विवाह किया और उनके पुत्र के रूप में इरावन का जन्म हुआ। इरावन का पालन-पोषण नागलोक में हुआ, जहाँ उन्होंने युद्ध कौशल और दिव्य शक्तियाँ प्राप्त कीं। इरावन का स्वभाव और गुण इरावन बचपन से ही: वीर और पराक्रमी धर्मनिष्ठ दयालु और त्यागी थे। उनमें अपने पिता अर्जुन जैसी वीरता और माता उलूपी जैसी बुद्धिमत्ता थी। ये भी देखे  👇 ध्यान और योग महाभारत युद्ध में इरावन की भूमिका जब कुरुक्षेत्र युद्ध शुरू हुआ, तो इरावन ने अपने पिता और पांडवों का साथ दिया। उन्होंने...