शतभिषा नक्षत्र Shatabhisha Nakshatra वैदिक ज्योतिष का 24वां नक्षत्र है, जो कुंभ राशि में 6°40′ से 20°00′ तक फैला है, शतभिषा नक्षत्र, जिसे “शतभिषक” भी कहा जाता है, जिसका अर्थ 'सौ चिकित्सक' या 'सौ तारे' है; इसके स्वामी ग्रह राहु और देवता वरुण हैं, जो इसे रहस्य, उपचार, आत्म-खोज और गहन आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ते हैं, और इसका प्रतीक खाली वृत्त या सौ फूलों का समूह है, जो कुंडलनी शक्ति के जागरण और पूर्णता का प्रतीक है. यह नक्षत्र गहन रहस्य, उपचार शक्ति, आध्यात्मिक खोज और मानसिक मजबूती का प्रतीक है।
🌌 शतभिषा नक्षत्र:
स्थान: कुंभ राशि (Aquarius) में 6°40′ से 20°00′ तक.
स्वामी ग्रह: राहु (Shadowy planet).
देवता: वरुण (जल, रहस्य, ब्रह्मांडीय गहराई और सत्य के देवता).
प्रतीक: खाली वृत्त (Empty Circle) या सौ फूल (Hundred Flowers).
अर्थ: 'सौ चिकित्सक', 'सौ तारे', 'सौ वैद्य'.
प्रेरक शक्ति (Motive Force): धर्म (गौरव, सिद्धांत).
प्रभाव: यह नक्षत्र परिवर्तन, उपचार, रहस्य, एकांत और आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक है, जो व्यक्ति को सांसारिक सुखों का त्याग कर उच्च लक्ष्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है.
✨ शतभिषा नक्षत्र की मुख्य विशेषताएँ
गहन विचारक और रहस्यमय स्वभाव।
विज्ञान, चिकित्सा, आध्यात्मिकता और तकनीक में रुचि।
समस्याओं का गहराई से विश्लेषण करने की अद्भुत क्षमता।
उपचार, हीलिंग और मानसिक शक्ति से दूसरों की मदद करने वाले।
स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और निजी जीवन में गोपनीय।
आध्यात्मिक रूप से झुकाव और आत्म-खोज की इच्छा.
🌑 व्यक्तित्व और स्वभाव
शांत, गंभीर और आत्मविश्लेषक।
स्वतंत्र विचारक, जिज्ञासु और जानकार. साहसी और स्पष्टवादी.
अपनी दुनिया में गहराई से सोचने वाले।
नए ज्ञान, शोध, विश्लेषण और छिपी बातों में रुचि।
अपने मार्ग पर चलने वाले और कम भीड़ का चयन करने वाले।
जब किसी चीज़ पर ध्यान लगा दें, तो अद्भुत सफलता प्राप्त करते हैं।
🌟 जीवन पर प्रभाव
ज्योतिष, मनोविज्ञान, चिकित्सा, रसायन विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, योग , आध्यात्मिक क्षेत्रों में उन्नति और फिल्म जगत से जुड़े कार्य इसके अंतर्गत आते हैं.
जीवन में कई बार अचानक परिवर्तन — राहु के कारण।
जातक को कठिन परिस्थितियों में भी मानसिक शक्ति देती है।
विदेश संबंधी कार्यों या यात्राओं का योग।
ज्ञान और आध्यात्मिक शक्ति जीवन में गहराई लाती है।
👩🦰 शतभिषा नक्षत्र की महिलाएँ
रहस्यमयी, बुद्धिमान और आत्मनिर्भर।
मानसिक रूप से मजबूत और अत्यंत विश्लेषणात्मक।
उपचार, काउंसलिंग, कला और सामाजिक कार्यों में दक्ष।
🔮 उपाय (Remedies)
राहु मंत्र: “ॐ रहवे नमः”
ध्यान और योग का अभ्यास।
शनिवार को तिल, तेल या काले वस्त्र का दान।
सत्य, संयम और शांति जीवन में संतुलन लाते हैं।
⭐ शतभिषा नक्षत्र गहन ज्ञान, रहस्य, चिकित्सा और मानसिक शक्ति का प्रतीक है।
इस नक्षत्र के जातक जीवन में अपने अद्वितीय बुद्धि, अनुसंधान क्षमता और हीलिंग ऊर्जा से समाज में खास पहचान बनाते हैं।
ये लोग बाहरी दुनिया से कम और अपने आंतरिक ब्रह्मांड से ज्यादा जुड़े होते हैं।
🔖 #शतभिषा_नक्षत्र #ShatabhishaNakshatra #Nakshatra #VedicAstrology #Jyotish #Rahu #VarunaDev #Healing #Spirituality #AstroBlog #HinduAstrology
सूचना: यंहा दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की कोई गारंटी नहीं है। सूचना के लिए विभिन्न माध्यमों से संकलित करके लेखक के निजी विचारो के साथ यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह की जिम्मेदारी स्वयं निर्णय लेने वाले पाठक की ही होगी।' हम या हमारे सहयोगी किसी भी तरह से इसके लिए जिम्मेदार नहीं है | धन्यवाद। ...
Notice: There is no guarantee of authenticity or reliability of the information/content/calculations given here. This information has been compiled from various mediums for information and has been sent to you along with the personal views of the author. Our aim is only to provide information, readers should take it as information only. Apart from this, the responsibility of any kind will be of the reader himself who takes the decision. We or our associates are not responsible for this in any way. Thank you.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें