🌟 ब्रह्मगुप्त — भारत के महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री | Vedic Mathematics | Ancient Indian Science
🔱 भारत की भूमि ने अनेक महान गणितज्ञ और वैज्ञानिक दिए हैं —
उनमें से एक हैं ब्रह्मगुप्त (Brahmagupta),
जिन्होंने न केवल गणित को नई ऊँचाइयाँ दीं,
बल्कि बीजगणित, अंकगणित और खगोलशास्त्र की नींव को मजबूत किया।
“ब्रह्मगुप्त ने गणित को तर्क, सूत्र और खगोलीय ज्ञान से जोड़कर एक विज्ञान का रूप दिया।”
👑 आचार्य ब्रह्मगुप्त का जन्म राजस्थान राज्य के भीनमाल (प्राचीन भिल्लमाल) शहर मे 598 ई. मे हुआ था। इसी कारण उन्हें ' भिल्लमालाआचार्य ' के नाम से भी कई जगह उल्लेखित किया गया है। यह शहर तत्कालीन गुजरात प्रदेश की राजधानी तथा हर्षवर्धन साम्राज्य के राजा व्याघ्रमुख के समकालीन माना जाता है।ब्रह्मगुप्त आबू पर्वत तथा लुणी नदी के बीच स्थित, भीनमाल नामक ग्राम के निवासी थे। इनके पिता का नाम जिष्णु था।
वे भारतीय गणित के स्वर्ण युग के महान प्रतिनिधि थे।
उनकी प्रसिद्ध पुस्तकें —
📘 “ब्रह्मस्फुटसिद्धांत” (Brahmasphutasiddhanta)
📘 “खण्डखाद्यक” (Khandakhadyaka)
आज भी गणित और खगोल विज्ञान के अद्भुत ग्रंथ माने जाते हैं।
🧠 ब्रह्मगुप्त के प्रमुख योगदान
✅ शून्य और ऋण संख्याओं का उपयोग
ब्रह्मगुप्त ने पहली बार शून्य (Zero) और ऋण (Negative) संख्याओं के साथ गणना के नियम बताए।
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि:
“जब किसी संख्या से वही संख्या घटाई जाती है, परिणाम शून्य होता है।”
और ऋण संख्याओं के जोड़-घटाव के नियम दिए —
जो आज के आधुनिक गणित का मूल आधार हैं।
✅ बीजगणित (Algebra) का विस्तार
उन्होंने बीजगणितीय समीकरणों के हल (Solutions) और सूत्रों की संरचना दी।
“x² + bx = c” जैसे quadratic equations के सिद्धांत उन्होंने बहुत पहले प्रस्तुत किए।
वे पहले गणितज्ञ थे जिन्होंने algebra को एक स्वतंत्र शाखा बनाया।
✅ खगोल विज्ञान में योगदान
ब्रह्मगुप्त ने ग्रहों की स्थिति, कक्षाओं और ग्रहणों की गणना के सटीक सूत्र दिए।
उन्होंने पृथ्वी को गोलाकार (Spherical) बताया और उसकी परिधि का सटीक अनुमान लगाया।
✅ त्रिकोणमिति और क्षेत्रफल सूत्र
उन्होंने त्रिभुज, वृत्त और चतुर्भुजों के क्षेत्रफल निकालने के नियम बताए।
ब्रह्मगुप्त सूत्र (Brahmagupta’s Formula) आज भी प्रसिद्ध है:
किसी चतुर्भुज का क्षेत्रफल = √((s–a)(s–b)(s–c)(s–d))
जहाँ s = (a+b+c+d)/2
यह सूत्र आज भी geometry में उपयोग होता है।
✅ ग्रहण सिद्धांत (Eclipse Theory)
उन्होंने सूर्य और चंद्र ग्रहण के वैज्ञानिक कारण बताए —यह खगोल विज्ञान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
🌍 विश्व में प्रभाव
ब्रह्मगुप्त के सिद्धांतों का अरबी और यूनानी विद्वानों ने अनुवाद किया।
उनके विचारों ने इस्लामी गणित और आगे चलकर यूरोपीय विज्ञान को दिशा दी।
उनके कार्य ने विश्व को बताया कि गणित का असली जन्मस्थान भारत है।
✅ “Zero और Algebra — दोनों की जड़ें भारत के ब्रह्मगुप्त के सिद्धांतों में हैं।”
🔱 ब्रह्मगुप्त केवल एक गणितज्ञ नहीं थे —
वे वह सेतु थे, जिन्होंने वेदों की ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान से जोड़ा।
“जहाँ से शून्य निकला, वहीं से अनंत की यात्रा शुरू हुई —और उस यात्रा के मार्गदर्शक थे ब्रह्मगुप्त।”
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