सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

America Stop giving knowledge on CAA | CAA पर ज्ञान देना बंद करें -अमेरिका अपना कानून देखे - लेखक : सुभाष चन्द्र



#UNO, #अमेरिका या अन्य कोई भी देश,  जितने चाहे #रोहिंग्या और #बांग्लादेशी #भारत से ले जाएं, 

परंतु हमारे #कानून #CAA पर ज्ञान देना बंद करें - अमेरिका अपना कानून देखे -

चीन को कुछ कहने की हिम्मत करो -


अमेरिका के #अंतरराष्ट्रीय #धार्मिक स्वतंत्रता संबंधी आयोग ने भारत के #नागरिकता संशोधन अधिनियम (#CAA) लागू करने के भारत सरकार द्वारा जारी नियमों की अधिसूचना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि “#धर्म या #आस्था के आधार पर किसी को भी नागरिकता से वंचित नहीं किया जाना चाहिए -


आयोग के अध्यक्ष स्टीफन स्नेक ने कहा कि “पड़ोसी देशों से भागकर भारत में शरण लेने आए लोगों के लिए तो #CAA में धार्मिक अनिवार्यता का प्रावधान है और हिंदुओं, पारसियों, सिखों, बौद्धों, जैनियों और ईसाइयों के लिए तो त्वरित नागरिकता का मार्ग प्रशस्त है लेकिन मुसलमानों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है -


स्टीफन स्नेक ने कहा कि इस कानून का मकसद यदि धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा करना होता तो इसमें बर्मा के रोहिंग्या मुसलमान, पाकिस्तान के अहमदिया मुसलमान और अफगानिस्तान के हज़ारा शिया भी शामिल होते - भारत सरकार अतीत में भारत के मानवाधिकारों के रिकॉर्ड पर टिप्पणी करने के लिए USIRF के क्षेत्राधिकार को खारिज कर चुका है -


एक कहावत है - “तू कौन, मैं खामखां” और यह अमेरिकी संस्था का रोल ऐसे ही “खामखां” का रोल है भारत के लिए - स्टीफन इतने शातिर हैं कि उन्होंने इन पड़ोसी देशों का नाम नहीं लिया और यह नहीं बताया कि ये तीनो इस्लामिक देश हैं,  पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान और केवल इतना कहा कि लोग वहां से भाग कर आए हैं लेकिन जानबूझकर कहना भूल गए कि उन देशों से “प्रताड़ित” होकर भागना पड़ा -


अमेरिका को कभी यह दिखाई नहीं दिया कि इन तीनों देशों में अल्पसंख्यकों (हिंदुओं, पारसियों, सिखों, बौद्धों, जैनियों और ईसाइयों) की क्या हालत है खासकर हिंदुओं की जो पाकिस्तान में 1947 के  22% से घटकर 2% रह गए - इन अल्पसंख्यकों को भारत के सिवाय कौन शरण दे सकता है - ये इस्लामिक देश होते हुए मुसलमानों को भी ठीक से नहीं रख सकते तो फिर तो साफ़ है इन्होने अल्पसंख्यकों की क्या दुर्दशा की होगी, वह कल्पना से परे है -


भारत कोई धर्मशाला नहीं है जहां सभी देशों से मुसलमान आकर भारत में बस जाएं - अमेरिका को यदि लगता है रोहिंग्या, पाकिस्तान के अहमदिया और अफगानिस्तान के हज़ारा मुस्लिम पीड़ित हैं तो अमेरिका समेत सभी देश और UNO जिनकों उनसे हमदर्दी हैं, उन्हें अपने अपने देश में शरण दे सकते हैं - भारत में तो बांग्लादेशी और रोहिंग्या करोड़ों हैं, जितने मर्जी ले जाए अमेरिका क्योंकि भारत की आबादी तो 140 करोड़ है और अमेरिका की मात्र 34 करोड़ जिसके पास बहुत भूभाग है जहां उन्हें रखा जा सकता है -


अमेरिका ने इन तीन इस्लामिक देशों को छोड़िए कभी चीन को भी मुसलमानों की रक्षा के लिए प्रवचन नहीं दिए और आज ही खबर है कि ईरान ने अल्पसंख्यक बहाई समुदाय के लोगों पर बंद कमरों में भी पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया है - जाहिर है यह सभी अल्पसंख्यकों पर लागू होगा -


अमेरिका हमें उपदेश देने से पहले अपने गिरेबान में झाँक कर देखो - क्या अमेरिका ने  भारत के कानून #CAA से मिलता जुलता कानून नहीं बनाया है - अमेरिका ने कानून बनाया है “The Spectrum Amendment और The Lautenberg Amendment”  जिसके अनुसार ईरान में रहने वाले ईसाइयों को कहा गया है कि यदि वे ईरान छोड़ कर आना चाहते हैं तो अमेरिका आ सकते हैं परंतु मुसलमानों को आने की छूट नहीं है - 


CAA पर छातियां पीटने से पहले अमेरिका अपना कानून देखे - खुद मुसलमानों को नहीं लेना चाहता और हमें कहते हैं कि हर देश के मुसलमानों को शरण दे दो - कितना दोगलापन है -


"लेखक के निजी विचार हैं "

 लेखक : सुभाष चन्द्र  | मैं हूं मोदी का परिवार | “मैं वंशज श्री राम का” 02/04/2024 

#CAA #NCR #India_Vs_West, #US_responds_CAA, #religious, #freedom, #India, #Kejriwal  #sunita_kejriwal #judiciary #ed #cbi #delhi #sharabghotala #Rouse_Avenue_court #liquor_scam #aap  #Muslims,#implemented_CAA,#Mamata, #Stalin, #Vijayan, #threatening , #impose_CAA ,#respective_states,#Opposition_Against_CAA, #persecuted_Hindus #minorities, #except_Muslims #Congress_Party,  #political_party,  #indi #gathbandhan  #Prime_Minister  #Rahulgandhi  #PM_MODI #Narendra _Modi #BJP #NDA #Samantha_Pawar #George_Soros #Modi_Govt_vs_Supreme_Court #Arvind_Kejriwal, #DMK  #A_Raja  #top_stories #Prime_Minister, #Chief_Minister, #Supreme_Court, #High_Court_judges, #lawyers, #bureaucrats, #officers  #opposition #leaders  #CBI #politics, #India, #politics_of_India, #corruption, #Chief_Minister,  #Lalu_Yadav, #Jayalalitha, #Hemant Soren, #government_from_jail, #familyists, #alliance

सूचना:  यंहा दी गई  जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की  कोई गारंटी नहीं है। सूचना के  लिए विभिन्न माध्यमों से संकलित करके लेखक के निजी विचारो  के साथ यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह  की जिम्मेदारी स्वयं निर्णय लेने वाले पाठक की ही होगी।' हम या हमारे सहयोगी  किसी भी तरह से इसके लिए जिम्मेदार नहीं है | धन्यवाद। ... 

Notice: There is no guarantee of authenticity or reliability of the information/content/calculations given here. This information has been compiled from various mediums for information and has been sent to you along with the personal views of the author. Our aim is only to provide information, readers should take it as information only. Apart from this, the responsibility of any kind will be of the reader himself who takes the decision. We or our associates are not responsible for this in any way. Thank you. , 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भगवान शालिग्राम का विवाह तुलसी से .... मेरी दुनिया - GMEDIA

भगवान शालिग्राम का विवाह  तुलसी से ... मान्यता है कि भगवान विष्णु और तुलसी का जिस जगह पर होते हैं, वहां कोई दुख और परेशानी नहीं आती। शालिग्राम की पूजा में तुलसी का महत्वत अहम है क्योंाकि बिना तुलसी के शालिग्राम की पूजा करने पर दोष लगता है। पराक्रमी असुर जलंधर का विवाह वृंदा से हुआ था , वृंदा भगवान विष्णु की भक्त थी। उसके पतिव्रत धर्म के कारण जलंधर अजेय हो गया था। उसने एक युद्ध में भगवान शिव को भी पराजित कर दिया। अपनी शक्ति के अभिमान में जलंधर देवताओं, अप्सकराओं को परेशान करने लगा। दु:खी देवता भगवान विष्णु की शरण में गए और जलंधर के आतंक को समाप्त करने की प्रार्थना करने लगे। तब भगवान विष्णु जलंधर का रूप धारण कर छल से वृंदा का पतिव्रत धर्म नष्ट कर दिया। इससे जलंधर की शक्ति क्षीण हो गई और वह युद्ध में मारा गया। जब वृंदा को इस छल का पता चला, तो उसने विष्णु को पत्थर बन जाने का शाप दे दिया। देवताओं के अनुरोध करने पर वृंदा ने शाप वापस ले लिया। मगर, भगवान विष्णु ने पत्थंर में अपना एक रूप प्रकट किया, जिसे शालिग्राम कहा गया। भगवान विष्णु ने वृंदा को वरदान दिया कि अगले जन्म में तुम तुलसी ...

आश्लेषा नक्षत्र Ashlesha Nakshatra — रहस्य, ऊर्जा और कुण्डलिनी शक्ति का नक्षत्र | The Nakshatra of Mystery, Energy, and Kundalini Shakti | Vedic Astrology | Spiritual Insight

आश्लेषा नक्षत्र (Ashlesha Nakshatra)  स्वामी ग्रह: बुध देवता: नाग देवता प्रकृति: तीक्ष्ण प्रतीक: सर्प (ऊर्जा, बुद्धि और रहस्य) 🐍 आश्लेषा नक्षत्र  आश्लेषा नक्षत्र वैदिक ज्योतिष के अनुसार नौवाँ नक्षत्र है, जिसे सर्प की ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। यह नक्षत्र रहस्य, मनोबल, गहन सोच, आकर्षण और परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करता है। आश्लेषा की ऊर्जा व्यक्ति को ऊँचे बुद्धि स्तर, तीव्र अंतर्दृष्टि और गहरी समझ प्रदान करती है। 🐉 देवता — नाग देवता आश्लेषा नक्षत्र के देवता नाग हैं, जो कुण्डलिनी शक्ति और आंतरिक ऊर्जा के जागरण का संकेत देते हैं। यह नक्षत्र सिखाता है कि  “अगर मन को साध लिया, तो दुनिया को साधना आसान है।” “If you master the mind, it is easy to master the world.” 💠 आश्लेषा नक्षत्र के प्रमुख गुण तीक्ष्ण बुद्धि और विश्लेषण की क्षमता गहन अंतर्दृष्टि और छिपी बातें समझने की शक्ति रहस्यप्रिय एवं आध्यात्मिक झुकाव मंत्र, तंत्र, ज्योतिष में रुचि तेज सीखने की क्षमता और आकर्षक व्यक्तित्व 🌙 आश्लेषा नक्षत्र वाले व्यक्तियों की विशेषताएँ बुद्धिमान, चतुर और रणनीतिक मनोविज्ञान, शोध, गुप्त...

आयुर्वेद | Ayurveda | Natural Healing | संतुलित जीवन और संपूर्ण स्वास्थ्य

आयुर्वेद: संतुलित जीवन और संपूर्ण स्वास्थ्य की प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान के पास समय कम है और बीमारियाँ ज़्यादा। तनाव, गलत खान-पान, नींद की कमी और प्रदूषण ने स्वास्थ्य को गंभीर चुनौती दी है। ऐसे समय में एक प्राचीन भारतीय विज्ञान फिर से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है — आयुर्वेद । आयुर्वेद केवल रोगों का इलाज नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की कला है। यह शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित चिकित्सा पद्धति है, जो हजारों वर्षों से भारत की अमूल्य धरोहर रही है। आयुर्वेद क्या है? “आयुर्वेद” दो शब्दों से मिलकर बना है — आयु (जीवन) + वेद (ज्ञान) अर्थात् — जीवन का विज्ञान । यह विज्ञान सिखाता है कि कैसे प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर स्वस्थ और दीर्घायु जीवन जिया जाए। आयुर्वेद का इतिहास आयुर्वेद की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है। ऋग्वेद और अथर्ववेद में इसके मूल सिद्धांत मिलते हैं। महान आयुर्वेदाचार्य: चरक — आंतरिक चिकित्सा (चरक संहिता) सुश्रुत — शल्य चिकित्सा (सुश्रुत संहिता) वाग्भट — अष्टांग हृदयम ये ग्रंथ आज भी आयुर्वेद की नींव माने जाते है...