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Foreign powers should stop making statements against India | विदेशी ताकतें भारत के खिलाफ बयानबाजी करना बंद करें - लेखक : सुभाष चन्द्र

 


विदेशी ताकतें भारत के खिलाफ बयान बाजी करना बंद करें

भारत के खिलाफ  #Antonio_Guterres (एंटोनियो गुटेरेस) #Secretary_General of the #United_Nations

का  बयान 

#UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस चौधरी बन गए जर्मनी और US के बाद,

भारत के खिलाफ विषवमन कोई नई बात नहीं है -


पुर्तगाल के नागरिक एंटोनियो गुटेरेस 2017 में UN महासचिव बनने के बाद कई बार विवादों में पड़ चुके है अपने गैर जरूरी बयानों के कारण - अब जर्मनी और अमेरिका के बाद केजरीवाल के मामले में टांग फंसा कर ये भी चौधरी बनने की कोशिश किए हैं लेकिन ऐसा करके जर्मनी, अमेरिका और एंटोनियो गुटेरेस स्वीकार कर रहे हैं कि केजरीवाल अमेरिका का पालतू है वरना किसी देश और #UNO दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल देने की क्या आवश्यकता है -


एंटोनियो गुटेरेस भूल गए भारत ऐसा लोकतांत्रिक देश है जहां 140 करोड़ में से 95 करोड़ से ज्यादा मतदाता होते हुए भी शांतिपूर्ण चुनाव होते हैं जो अमेरिका तक कराने में असफल रहा पिछली बार - कभी गुटेरेस ने अमेरिका को पाठ पढ़ाया है कि डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए -


केजरीवाल और कांग्रेस के बैंक खातों को कथित तौर पर फ्रीज़ होने के सवाल पर एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक (अमेरिकी नागरिक) ने कहा कि -


“हमें बेहद उम्मीद है कि जैसा चुनाव वाले किसी भी देश में होता है, भारत में भी सभी के राजनीतिक और नागरिक अधिकार सुरक्षित हैं और हर व्यक्ति स्वतंत्र एवं निष्पक्ष माहौल में मतदान करने में सक्षम है”


यह बयान क्योंकि #एंटोनियो #गुटेरेस के प्रवक्ता ने दिया है, इसलिए इसे गुटेरेस का ही माना जाएगा और ऐसा कहते हुए वे, #जर्मनी और #अमेरिका भारत में भ्रष्टाचारी लोगों का समर्थन कर हमारी जांच एजेंसियों और अदालतों की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं जिसका अधिकार उन्हें नहीं है -

क्या अमेरिका अपने देश में हमारी कांग्रेस पार्टी की तरह किसी को भी #Tax_Evasion करने की छूट दे सकती है -


भारत विरोधी रवैया गुटेरेस का कोई नई बात नहीं है - वर्ष 2022 में भारत के लिए कहा था 


“"#मानवाधिकार #परिषद के एक निर्वाचित सदस्य के रूप में भारत पर वैश्विक मानवाधिकारों को आकार देने और अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों सहित सभी व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करने की जिम्मेदारी है." - ऐसे प्रवचन कभी गुटेरेस ने अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए #पाकिस्तान, #बांग्लादेश और अन्य इस्लामिक देशों को नहीं दिए मगर भारत को यह पाठ पढ़ाए बिना हाज़मा ठीक नहीं होता -


अक्टूबर, 2023 में हमास के इज़रायल पर हमले के बाद गुटेरेस हमास के साथ ही खड़े नज़र आए जब उन्होंने कहा -

“The #Hamas #attacks "did not happen in a #vacuum" as the #Palestinians have been "subjected to 56 years of suffocating occupation."

“there was no #excuse for the "appalling" #violence by #Hamas_militants on October 7 but also warned #against "#collective #punishment" of the P#alestinians”


इन बयानों पर नाराज़ होकर इज़रायल ने गुटेरेस का इस्तीफा तक मांगा था UNO के महासचिव पद से -


गुटेरेस का बयान भारत के लिए ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन के विदेश मंत्री भारत में हैं और अपने शांति प्रस्ताव पर भारत से मदद मांग रहे हैं - उन्हें यह भी याद नहीं कि कुछ अमेरिकी विशेषज्ञों ने रहस्य खोला है कि यूक्रेन पर रूस के परमाणु हमले को प्रधानमंत्री मोदी ने ही रोका था जबकि UNO तो एक जोकर जैसी संस्था बन कर रह गया है -


गुटेरेस को भारत के योगदान के बारे में यह भी याद नहीं कि #UN #Peacekeeping #Force में भारत के 5725 सैनिक है जबकि वीटो पावर वाले देशों में अमेरिका का एक भी सैनिक नहीं है जो 2021 में 31 थे; फ्रांस के 552 हैं; जर्मनी के 2021 के 563 की जगह अब केवल 357 हैं; ब्रिटेन के 2021 में 605 थे जो अब 255 रह गए; और चीन के 2248 की जगह 2194 रह गए


#भारत के खिलाफ #Uncalled for बयानबाजी करना विदेशी ताकतें बंद करें 

"लेखक के निजी विचार हैं "

 लेखक : सुभाष चन्द्र  | मैं हूं मोदी का परिवार | “मैं वंशज श्री राम का” 30/03/2024 

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सूचना:  यंहा दी गई  जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की  कोई गारंटी नहीं है। सूचना के  लिए विभिन्न माध्यमों से संकलित करके लेखक के निजी विचारो  के साथ यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह  की जिम्मेदारी स्वयं निर्णय लेने वाले पाठक की ही होगी।' हम या हमारे सहयोगी  किसी भी तरह से इसके लिए जिम्मेदार नहीं है | धन्यवाद। ... 

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