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Modi Govt vs Supreme Court | मोदी से टकराने वाले का बर्बाद होना तय होता है | लेखक : सुभाष चन्द्र




CJI चंद्रचूड़ सत्ता के नशे में मत भूलना, #मोदी से टकराने वाले का  बर्बाद होना तय होता है और आप सब सीधे मोदी से टकरा रहे हो -

ये कोई नई बात नहीं है जब #CJI #चंद्रचूड़ के ऐसे बयान और आचरण सामने आते  हैं जिनसे पता चलता है वह प्रधानमंत्री मोदी को सहन ही नहीं कर पा रहे और वक्त वक्त पर जलील करने की कोशिश करते हैं लेकिन ऐसा करते हुए चंद्रचूड़ भूल जाते हैं कि मोदी से टकराने वाले का बर्बाद होना तय होता है क्योंकि मोदी ठंडी करके खाते हैं और आप उबलती खिचड़ी में मुंह मारते हो - 


पूर्व सैनिकों के #OROP केस में CJI चंद्रचूड़ ने #प्रधानमंत्री_मोदी को जलील करने की कोशिश की जब सरकार गोपनीय जानकारी #Sealed_Cover में देना चाहती थी लेकिन चंद्रचूड़ ने जलील करते हुए कहा कि सब कुछ खुला होना चाहिए - मणिपुर मामले में तो मोदी को सीधी धमकी दे दी थी कि सरकार कुछ नहीं करेगी तो हम करेंगे जबकि सरकार सब कुछ कर रही थी परंतु लक्ष्य मोदी को नीचा दिखाना था -


अब देखिए, 18 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अधिवेशन का समापन करते हुए विस्तार से बताया कि महिला उत्थान के लिए पिछले 10 वर्ष में क्या किया गया - लेकिन अगले दिन 19 फरवरी को #Costal_Guards_Services में महिलाओं को #Permanent #Commission देने के लिए एक महिला अधिकारी प्रियंका त्यागी की याचिका सुनते हुए CJI चंद्रचूड़ ने सीधा प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती देते हुए कहा 


“आप बहुत नारी शक्ति नारी शक्ति, अब यहां दिखाओ नारी शक्ति” 

"You speak of '#NariShakti Nari Shakti,' now show it here. You are at the deep end of the sea here. I don't think the Coast Guard can say they can fall out of line when the #Army and #Navy have done it all.


चंद्रचूड़ ने पहले भी सरकार, सेना और सेना प्रमुख को अवमानना की धमकी देकर #आर्मी में कुछ महिला अधिकारियों के Permanent Commission दिलाने का काम किया था और सच्चाई यह है कि देश की रक्षा करने वाली सेना का घोर अपमान किया था -


चंद्रचूड़ की मंशा जितनी Coastal Guard Services में महिलाओं को Permanent Commission दिलाने की थी उससे ज्यादा मक्कार नीयत प्रधानमंत्री मोदी को “बेइज़्ज़त” करने की थी - 

"You speak of 'Nari Shakti Nari Shakti,' now show it here - यह वाक्य कह कर चंद्रचूड़ ने मोदी को प्रमाणपत्र दे दिया कि उसने नारी शक्ति के लिए कुछ नहीं किया 


यह कह कर चंद्रचूड़ ने किसी विपक्षी दल के नेता से बदतर भूमिका निभाने का काम किया है और मोदी को सीधे ललकारा है - इससे बड़ी निर्लज्जता #चंद्रचूड़ और उसके साथी #जज बेंच में बैठ कर नहीं दिखा सकते -


इतना ही नहीं, चंद्रचूड़ की बेंच ने संदेशखाली मामले में सांसद सुकान्त मजूमदार के अपमान के मामले में संसद की अवमानना कार्रवाई पर रोक लगा दी वह भी #कपिल_सिब्बल की दलील पर जिसमे उसने कहा कि यह विषय #संसद के काम से सम्बंधित नहीं है और इसलिए #Privilege_Issue नहीं बनता क्योंकि सांसद ने अपनी शक्ति का अतिक्रमण किया है - 


चंद्रचूड़, उनके साथी जजों, #सिब्बल और #सिंघवी को पता नहीं कि इसका मतलब यह भी निकलता है कि जजों के खिलाफ सड़कों पर कुछ भी बोला जा सकता है जिस पर अदालत की अवमानना केस नहीं बनेगा क्योंकि वह केवल #अदालत में कुछ करने पर ही बन सकता है 


यही चंद्रचूड़ #मणिपुर के लिए उबाल खा रहे थे और यहां #संदेशखाली में महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार पर इन्हें सांप सूंघ गया है क्योंकि #जस्टिस #नागरत्ना ने दूसरी बेंच में कहा है कि #संदेशखाली और #मणिपुर में कोई समानता नहीं है -


सच्च यही है चंद्रचूड़ प्रधानमंत्री मोदी से सीधे टकराने की कोशिश कर रहे हैं - ये सत्ता में बैठ कर कुछ भी बोल सकते हैं चाहे भाषा की मर्यादा ही क्यों न टूट जाए जबकि मोदी इनसे बड़ी सत्ता में होते हुए भी मर्यादा नहीं लांघ सकते - लेकिन यह निश्चित है मोदी से “नाहक” टकराने वाले की दुर्गति होना तय है - कैसे हुई है लोगों की विगत में, चंद्रचूड़ को उस पर ध्यान देना चाहिए - "लेखक के निजी विचार हैं "


 लेखक : सुभाष चन्द्र | “मैं वंशज श्री राम का” 25/02/2024 

#Kejriwal  #judiciary #ed #cbi #delhi #sharabghotala #Rouse_Avenue_court #liquor_scam #aap  #FarmerProtest2024  #KisanAndolan2024  #SupremeCourtofIndia #Congress_Party  #political_party #India #movement #indi #gathbandhan #Farmers_Protest  #kishan #Prime Minister  #Rahulgandhi  #PM_MODI #Narendra _Modi #BJP #NDA #Samantha_Pawar #George_Soros #Modi_Govt_vs_Supreme_Court



सूचना:  यंहा दी गई  जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की  कोई गारंटी नहीं है। सूचना के  लिए विभिन्न माध्यमों से संकलित करके लेखक के निजी विचारो  के साथ यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह  की जिम्मेदारी स्वयं निर्णय लेने वाले पाठक की ही होगी।' हम या हमारे सहयोगी  किसी भी तरह से इसके लिए जिम्मेदार नहीं है | धन्यवाद। ... 

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