🕉️ चार युग क्या हैं? | Saty, Treta, Dwapar और Kali Yug का रहस्य हिंदू शास्त्रों में समय को रेखीय (linear) नहीं बल्कि चक्र (cycle) माना गया है। यह चक्र चार युगों में बंटा है — सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग । इन्हें मिलाकर एक महायुग बनता है। आज हम विस्तार से जानेंगे: ✔ चार युगों का क्रम ✔ हर युग की विशेषताएँ ✔ युगों की अवधि ✔ हम अभी किस युग में हैं ✔ धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व 🌍 युग क्या होता है? “युग” का अर्थ है — समय का एक महान चरण । हिंदू शास्त्रों के अनुसार, सृष्टि का निर्माण, पालन और परिवर्तन चक्रों में चलता है। प्रत्येक युग में: मानव का स्वभाव बदलता है धर्म की स्थिति घटती है आयु कम होती जाती है आध्यात्मिक शक्ति कम होती है 🔱 चार युगों का क्रम युग धर्म की स्थिति मानव स्वभाव अवधि (वर्षों में) सतयुग 100% धर्म सत्यवादी, पवित्र 17,28,000 त्रेतायुग 75% धर्म धर्मप्रिय पर अहंकार बढ़ा 12,96,000 द्वापरयुग 50% धर्म शक्ति और युद्ध प्रधान 8,64,000 कलियुग 25% धर्म लोभ, क्रोध, भ्रम 4,32,000 🌟 1. सतयुग — सत्य का युग इसे कृतयुग भी कहा जाता है...
“धर्म | संस्कृति | आध्यात्म”