सनातन धर्म में लोकों की अद्भुत संरचना | स्वर्ग लोक, नरक लोक और पाताल लोक का रहस्य | Amazing structure of worlds in Sanatan Dharma
सनातन धर्म में लोकों की अद्भुत संरचना – स्वर्ग लोक, नरक लोक और पाताल लोक का रहस्य सनातन धर्म में ब्रह्मांड को केवल पृथ्वी तक सीमित नहीं माना गया है। वेद, पुराण और उपनिषद बताते हैं कि यह सृष्टि अनेक लोकों (dimensions) में विभाजित है। इन लोकों में देवता, ऋषि, मनुष्य, असुर और अन्य दिव्य शक्तियाँ निवास करती हैं। भारतीय शास्त्रों के अनुसार कुल 14 लोक माने गए हैं — 7 ऊर्ध्व (ऊपर के) और 7 अधोलोक (नीचे के)। 🔱 14 लोकों की संरचना सनातन परंपरा के अनुसार ब्रह्मांड को 14 लोकों में विभाजित किया गया है: 🌤️ 7 ऊर्ध्व लोक (ऊपर के लोक) भूर्लोक भुवर्लोक स्वर्लोक महर्लोक जनलोक तपलोक सत्यलोक 🌑 7 अधोलोक (नीचे के लोक) अतल वितल सुतल तलातल महातल रसातल पाताल इन लोकों का वर्णन विशेष रूप से भागवत पुराण और विष्णु पुराण में मिलता है। 🌍 1️⃣ भूर्लोक (पृथ्वी लोक) यह वही लोक है जहाँ हम वर्तमान में रहते हैं। इसे कर्मभूमि कहा गया है। यहाँ जीव अपने कर्मों के आधार पर आगे के लोकों की प्राप्ति करता है। 🌤️ 2️⃣ भुवर्लोक यह पृथ्वी और स्वर्ग के बीच का क्षेत्र है। यहाँ पितृ और...