त्रिदेव – ब्रह्मा, विष्णु और महेश का रहस्य (सनातन धर्म में सृष्टि, पालन और संहार का दिव्य संतुलन) सनातन धर्म की सबसे गूढ़ और गहन अवधारणाओं में से एक है — त्रिदेव । ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) को मिलाकर त्रिदेव कहा जाता है। ये केवल तीन देवता नहीं, बल्कि सम्पूर्ण सृष्टि के संचालन की तीन दिव्य शक्तियाँ हैं। जहाँ ब्रह्मा सृष्टि के रचयिता हैं, वहीं विष्णु पालनकर्ता हैं, और भगवान शिव संहार एवं पुनः सृजन के आधार हैं। त्रिदेव का सिद्धांत हमें यह समझाता है कि संसार में जो कुछ भी है, वह जन्म लेता है, विकसित होता है और फिर परिवर्तन के माध्यम से पुनः सृजित होता है। यही प्रकृति का नियम है और यही सनातन धर्म का दर्शन है। त्रिदेव की उत्पत्ति पुराणों के अनुसार जब सृष्टि का आरंभ हुआ, तब परम ब्रह्म की चेतना से तीन दिव्य शक्तियाँ प्रकट हुईं। इन्हें ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश कहा गया। कुछ ग्रंथों में वर्णन है कि भगवान विष्णु की नाभि से कमल उत्पन्न हुआ, उस कमल से ब्रह्मा प्रकट हुए। शिव को अनादि और अनंत बताया गया है — वे समय से परे हैं। त्रिदेव की उत्पत्ति यह दर्शाती है कि सृष्टि एक दिव...
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